इस साल भारत में गर्मी तोड़ेगी सारे रिकॉर्ड, फरवरी से ही दिखने लगा है असर।

नयी दिल्ली(संचार इंडिया न्यूज) : गुजरात, राजस्थान, कोंकण, गोवा और तटीय कर्नाटक सहित भारत के कई हिस्सों में फरवरी के पहले कुछ हफ्तों में बढ़ती हुई गर्मी का एहसास हुआ है. इन क्षेत्रों में तापमान 35 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है और पूर्वानुमानों से संकेत मिलता है कि अभी इसमें कोई राहत नहीं मिलने वाली. तो क्या बढ़ती हुई गर्मी आने वाले बेहद गर्म दिनों का संकेत दे रही है
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने रविवार को कोंकण और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों के लिए हीटवेव अलर्ट जारी किया. हालांकि, तापमान में मामूली गिरावट के बाद से अलर्ट वापस ले लिया गया है. आईएमडी ने सोमवार देर रात अपनी ताजा विज्ञप्ति में कहा कि अधिकतम तापमान सामान्य से 4-9 डिग्री सेल्सियस अधिक बना हुआ है.


भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने रविवार को कोंकण और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों के लिए हीटवेव अलर्ट जारी किया. हालांकि, तापमान में मामूली गिरावट के बाद से अलर्ट वापस ले लिया गया है. आईएमडी ने सोमवार देर रात अपनी ताजा विज्ञप्ति में कहा कि अधिकतम तापमान सामान्य से 4-9 डिग्री सेल्सियस अधिक बना हुआ है.
फरवरी 2023 में किसी भी सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ की अनुपस्थिति और पहाड़ों पर कम बारिश और बर्फबारी के साथ-साथ मैदानी इलाकों में सूखे की स्थिति को तापमान में अचानक उछाल और भारत में सर्दियों की जल्दी वापसी के लिए जिम्मेदार ठहराया जा रहा है.

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आईएमडी ने अपने बयान में फरवरी में उच्च तापमान के लिए दक्षिण गुजरात के ऊपर बनने वाले एक एंटी-साइक्लोन को जिम्मेदार बताया है, जिससे हवा के दबाव पर फर्क पैदा होता है और इसलिए गुजरात के ऊपर गर्माहट और इस एंटी-साइक्लोन के सहयोग से उत्तर-पश्चिम भारत में हीट एनर्जी बनती है.
फरवरी 2023 में किसी भी सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ की अनुपस्थिति और पहाड़ों पर कम बारिश और बर्फबारी के साथ-साथ मैदानी इलाकों में सूखे की स्थिति को तापमान में अचानक उछाल और भारत में सर्दियों की जल्दी वापसी के लिए जिम्मेदार ठहराया जा रहा है.

आईएमडी ने अपने बयान में फरवरी में उच्च तापमान के लिए दक्षिण गुजरात के ऊपर बनने वाले एक एंटी-साइक्लोन को जिम्मेदार बताया है, जिससे हवा के दबाव पर फर्क पैदा होता है और इसलिए गुजरात के ऊपर गर्माहट और इस एंटी-साइक्लोन के सहयोग से उत्तर-पश्चिम भारत में हीट एनर्जी बनती है.
हालांकि बढ़ती हुई गर्मी के बावजूद आईएमडी ने अपने हीटवेव अलर्ट को वापस लेते हुए कहा कि समुद्री हवा के कारण तापमान में गिरावट की प्रवृत्ति दिखाई दे रही है. अगले दो-तीन दिनों में अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट का अनुमान है. फिलहाल किसी भी मौसम वैज्ञानिक ने यह दावा नहीं किया कि यह भारत में शुरुआती गर्मियों के संकेत हैं. आईएमडी के अनुसार, हीटवेव की घोषणा तभी की जाती है, जब किसी स्टेशन का अधिकतम तापमान मैदानी इलाकों के लिए कम से कम 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक और पहाड़ी क्षेत्रों के लिए कम से कम 30 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक तक पहुंच जाता है.
आईएमडी के एक वरिष्ठ वैज्ञानिक ने इंडिया टुडे से बातचीत में बताया कि उन्होंने पिछले कुछ दिनों में तापमान में गिरावट देखी है, इसलिए हम वैज्ञानिक रूप से यह नहीं कह सकते कि यह गर्मी की शुरुआत है. वैज्ञानिक जो कह सकते हैं वह यह है कि उन क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ की कमी और इसके कारण वर्षा नहीं हुई, जिससे तापमान में वृद्धि हुई है. इसलिए बढ़ रही गर्मी को किसी आने वाले संकट से जोड़कर देखना अभी जल्दबाजी होगी.

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