मुंह के छाले से है परेशान तो अपनाएं ये घरेलू नुस्खे।

मुंह में छाले हो जाने की समस्या बेहद आम है और हम सभी को अक्सर इस समस्या का सामना करना पड़ता है.

इसका कारण
● हमारा खान-पान और पेट की खराबी.
● कब्ज या पेट में गर्मी होना.
● धूम्रपान की बढ़ती आदत.
● ये किसी बीमारी के कारण भी हो सकते हैं.

इस बात पर ध्यान दे
इस स्थिति में जरूरी होता है कि हम सही खान-पान को चुनें. ताकि मुंह के छालों से परेशानी भी ना हो और पोषण की कमी के कारण कमजोरी भी ना आए.

ये चीजें खाने से करें परहेज
● मसालेदार और डीप फ्राइड तीखा खाना खाने से परहेज करें.
● चिप्स और नमकीन जैसी चीजें ना खाएं.
● कोशिश करें कि मुंह ठीक होने तक आलू से बनी चीजें ना खाएं.

क्या पीना है और क्या नहीं!
● जलजीरा पानी या कॉक जैसे पेयपदार्थ लेंगे तो इनसे छालों में तेज जलन या चुभन हो सकती है.
● आपको बहुत खट्टी चीजें ट्राई करने से बचना चाहिए.
● आप मीठी छाछ और लस्सी पी सकते हैं. इनसे लाभ होगा.

इन्हें खाने से लाभ होगा
● ठंडा दूध पिएं.
● मुंह में छाले होने पर फाइबर युक्त भोजन करें.
● दलिया जरूर खाएं. नमकीन दलिया खाने में समस्या हो तो मीठा (दूध में बना) दलिया खाएं.
● हल्के नमक वाली पतली खिचड़ी या ताहिरी खाएं.

मिलेगी ठंडक
● रात को पानी में भिगोकर रखे गए छुआरे खाएं.
● बेल और आंवले का मुरब्बा खाएं. इन चीजों से पेट में ठंडक बढ़ेगी.

मुंह के छाले और जीभ के छाले होने पर करे ये उपाय

मुलेठी का काढ़ा बनाकर ठंडा कर व छानकर दिन में 3 से 4 बार गरारा करने से मुंह व जीभ के छाले ठीक हो जाते है।

हरे धनिया का रस मुंह के छालो पर लगाने और सूखे धनिये को पानी में उबालकर उस पानी को छान कर व ठंडा कर उससे गरारे करने से मुंह के छाले ठीक हो जाते है।

शहद को पानी में मिलाकर कुल्ला करने से मुंह के छाले ठीक हो जाते है।

इलायची चूर्ण को शहद में मिलाकर छालो पर लगाने और लार टपकाने से छाले ठीक हो जाते है।

चमेली की पत्तियां चबाने से मुंह के छाले दूर होते है

अमरुद की पत्तियों को उबाल कर कुल्ला करने से गला-जीभ साफ़ होता है और मुंह के छाले ठीक होते हैं।

हल्दी को पानी में डालकर कुछ देर रख दे. इस पानी को छान कर उससे कुल्ले करने से मुंह के छाले नष्ट होते है।

मिश्री की डली, इलायची या गोंद की डली को पूरे दिन चूसते रहने से भी छाले ठीक होते है।

महत्वपूर्ण नोट
खान पान में सावधानी बरते
गरिष्ठ, मिर्च- मसालेदार व तैलीय पदार्थों से परहेज रखें. हरी रेशेदार सब्जियों का सेवन करें. विटामिन बी व सी से युक्त आहार ले जैसे पालक, अंकुरित अनाज, अमरुद, संतरा, आवंला, बंद गोभी के पत्ते आदि।

Leave a Reply